नॉर्टन का प्रमेय

नमस्कार मित्रो मेरा नाम विशाल नागर है मै आज आपको Basics of electrical and electronics engineering  के एक टॉपिक नॉर्टन प्रमेय के बारे मै विस्तारपूर्वक जानकारी दूंगा।
नॉर्टन का प्रमेय (Norton's theorem):- परिपथ विश्लेषण से सम्बन्धित एक प्रमेय है, जिसके अनुसार

किसी रैखिक विद्युत परिपथ में यदि केवल वोल्टता स्रोत, धारा स्रोत और प्रतिरोध हों तो इसके सिरों A–B के बीच इसे इसके तुल्य वैशिष्ट्य वाले परिपथ के रूप में अभिव्यक्त किया जा सकता है जिसमें केवल एक धारा स्रोत Ino एक प्रतिरोधक Rno के समान्तर क्रम में जुड़ा होगा।
इस धारा स्रोत Ino का मान A-B सिरों को 'शॉर्ट' करने पर उस शॉर्ट से होकर बहने वाली धारा के बराबर होता है।
उपरोक्त तुल्य प्रतिरोध Rno का मान सभी वोल्टता स्रोतों को शॉर्ट करने एवं सभी धारा स्रोतों को ओपेन करने के बाद सिरों A-B के बीच प्राप्त तुल्य प्रतिरोध के बराबर होगा।
यह प्रमेय प्रत्यावर्ती धारा के लिए भी लागू किया जा सकता है।

नॉर्टन का प्रमेय एवं इसका द्वैत, थेवेनिन का प्रमेय (Thévenin's theorem) परिपथ विश्लेषण में बहुतायत में प्रयुक्त होते हैं। नॉर्टन के प्रमेय की उपपत्ति सन १९२६ में एक साथ स्वतन्त्र रूप से सिमेन्स और हैक्से (Siemens & Halske) तथा बेल प्रयोगशाला के इंजीनियर एडवर्ड लारी नॉर्टन (Edward Lawry Norton) ने किया था। उदाहरण:-



धन्यवाद पोस्ट पसंद आए तो कृपया लाइक शेयर और कमेंट जरुर करे


Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

अबकलन (Differentiation) class12, अवकलन (Differentiation)polytechnic firs...

लेन्ज का नियम