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NEP 2020(New Education Policy 2020)

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम विशाल हैं तो आज मै आप सभी को नईं शिक्षा नीति के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दूंगा नई शिक्षा नीति 2020 :-    1 . 10 + 2 बोर्ड संरचना गिरा दी जाती है   2 . नई स्कूल संरचना 5 + 3 + 3 + 4 होगी   3 . 5 तक प्री स्कूल, 6 से 8 मिड स्कूल, 8 से 11 हाई स्कूल, 12 के बाद ग्रेजुएशन   4 . कोई भी डिग्री 4 साल की होगी  5 . 6 वीं std बाद में व्यावसायिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं   6 . 8 वीं से 11 तक के छात्र विषय चुन सकते हैं   7 . सभी स्नातक पाठ्यक्रम में प्रमुख और मामूली होंगे  उदाहरण - विज्ञान के छात्र के पास मेजर और संगीत के रूप में भौतिकी भी मामूली हो सकती है। कोई भी संयोजन वह चुन सकता है   8 . सभी उच्च शिक्षा केवल एक प्राधिकरण द्वारा शासित होंगी।  9. यूजीसी एआईसीटीई का विलय किया जाएगा।  10. सभी विश्वविद्यालय सरकार, निजी, ओपन, डीम्ड, वोकेशनल आदि में समान ग्रेडिंग और अन्य नियम होंगे।   11 . देश में सभी प्रकार के शिक्षकों के लिए नए शिक्षक प्रशिक्षण बोर्ड की स्थापना की जाएगी, कोई भी र...

अबकलन (Differentiation) class12, अवकलन (Differentiation)polytechnic firs...

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Description: -नमस्कार मित्रो मेरा नाम विशाल नागर है आज आप सभी को कक्षा 12 के एक महत्वपूर्ण अध्याय अवकलन के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी ग्रहण करेंगे इस वीडियो मै अवकलन के मुख्य सूत्र भी दिए गए है जिनकी सहायता से आप सभी प्रश्नों का हाल भूत ही आसानी से ज्ञात कर लेंगे इस वीडियो मै पॉलीटेक्निक प्रथम वर्ष के प्रश्न भी नए पैटर्न पर दिए गए है इस वीडियो मै आप सभी को अवकलन के मुख्य प्रश्न जैसे साधारण प्रश्न तथा भागबिधी वाले प्रश्न भी दिए गए है तथा इस वीडियो मै यह भी बताया जाएगा कि अवकलन कैसे ज्ञात करें How to solve Differentiation , How to solve class 12 differencition equation class 12 NCERT in Hindi अबकलन  के मुख्य सूत्र ये है! पोस्ट पसंद आए तो कमेंट,शेयर करे धन्यवाद

लेन्ज का नियम

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नमस्कार मित्रो आज मै विशाल नागर आपको बसिक्स ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग  के एक टॉपिक लेन्ज नियम के बारे में बिस्तर पूर्वक जानकारी दूंगा! लेेंज के नियमानुसार:    " प्रेरित धारा की दिशा सदा ऐसी होती है जो उस कारण का विरोध करती है जिससे वह स्वयं उत्पन्न होती है।" इस नियम का प्रतिपादन सन् 1833 में हिनरिक लेंज (Heinrich Lenz) ने किया था। उदहारण के लिए यदि हम एक चुम्बक के उत्तरी ध्रुव को किसी कुण्डली के समीप लाये तो कुण्डली में प्रेरित धारा की दिशा इस प्रकार होती है कि कुण्डली का वह सीरा जो चुम्बक के ओर है उत्तरी ध्रुव बन जाता है अर्थात इधर से देखने पर धारा वामावर्त प्रवाहित होती है । उत्तरी ध्रुव बन जाने से यह सीरा आने वाले चुम्बक के प्रतिकर्षण बल लगता है। यह प्रतिकर्षण बल बल ही चुम्बक की गति (पास आने) का विरोध करता है। अब यदि हम चुम्बक को कुंडली से दूर ले जाए तो कुण्डली में प्रेरित धारा की दिशा बदल जाती है तथा कुंडली का चुम्बक के पास वाला सीरा दक्षीणी ध्रुव बन जाता है जो चुम्बक को अपनी ओर आकर्षित करता है अतः चुम्बक की गति का पु▢नः विरोध होता है। ...

थेबनीन का प्रमेय

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नमस्कार मित्रों। मै विशाल नागर  आज आपको थेबनीन का प्रमेय के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करूंगा। थेवेनिन का प्रमेय:- परिपथ  सिद्धान्त का एक महत्वपूर्ण प्रमेय है। इसे फ्रांस के टेलेग्राफ इंजीनीयर लियों चार्ल्स थेवेनिन (Léon Charles Thév enin (1857–1926)) ने प्रतिपादित किया था। इसके अनुसार, वोल्टता स्रोत, धारा स्रोत एवं प्रतिरोधकों से निर्मित किसी भी रैखिक परिपथ का इसके किन्हीं दो सिरों (टर्मिनल्स) के बीच व्यवहार एक तुल्य वोल्तता स्रोत Vth एवं तुल्य प्रतिरोधक Rth के श्रेणीक्रम के द्वारा निरूपित किया जा सकता है। यह किसी एक आवृत्ति वाले प्रत्यावर्ती धारा के स्रोत एवं सामान्यीकृत प्रतिबाधा से युक्त परिपथों के लिये भी लागू होता है। इस सिद्धान्त की खोज सबसे पहले जर्मनी के वैज्ञानिक हर्मन वॉन हेल्मोल्ट्ज (Hermann von Helmholtz) ने सन् १८५३ में की थी किन्तु बाद में थेवेनिन ने सन् १८८३ में इसे 'पुन: खोजा'   Example:- Step:- मूल परिपथ   पहला चरण:-तुल्य आउटपुट की गणना दूसरा चरण:- तुल्य प्रतिरोध की गणना   तीसरा चरण:- थेबनिन तुल्...

नॉर्टन का प्रमेय

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नमस्कार मित्रो मेरा नाम विशाल नागर है मै आज आपको Basics of electrical and electronics engineering  के एक टॉपिक नॉर्टन प्रमेय के बारे मै विस्तारपूर्वक जानकारी दूंगा। नॉर्टन का प्रमेय (Norton's theorem):- परिपथ विश्लेषण से सम्बन्धित एक प्रमेय है, जिसके अनुसार किसी रैखिक विद्युत परिपथ में यदि केवल वोल्टता स्रोत, धारा स्रोत और प्रतिरोध हों तो इसके सिरों A–B के बीच इसे इसके तुल्य वैशिष्ट्य वाले परिपथ के रूप में अभिव्यक्त किया जा सकता है जिसमें केवल एक धारा स्रोत Ino एक प्रतिरोधक Rno के समान्तर क्रम में जुड़ा होगा। इस धारा स्रोत Ino का मान A-B सिरों को 'शॉर्ट' करने पर उस शॉर्ट से होकर बहने वाली धारा के बराबर होता है। उपरोक्त तुल्य प्रतिरोध Rno का मान सभी वोल्टता स्रोतों को शॉर्ट करने एवं सभी धारा स्रोतों को ओपेन करने के बाद सिरों A-B के बीच प्राप्त तुल्य प्रतिरोध के बराबर होगा। यह प्रमेय प्रत्यावर्ती धारा के लिए भी लागू किया जा सकता है। नॉर्टन का प्रमेय एवं इसका द्वैत, थेवेनिन का प्रमेय (Thévenin's theorem) परिपथ विश्लेषण में बहुतायत में प्रयुक्त होते हैं। नॉर्टन के ...